Wednesday, October 19, 2011

शाकाहारी बिना भजन अधूरा:करुणाकांत मिश्रा

बरेली मण्डल मेँ इस वक्त गांव गांव व नगर नगर जयगुरुदेव के भक्त 'शाकाहारी बनो' आन्दोलन मेँ लगे हुए हैँ.मानव शरीर बड़े यत्नों से प्राप्त होता है.दुनियादारी के काम मेँ भी लगकर मनुष्य प्रभु भक्ति मेँ रम सकता है.यही उसे पशु पक्षी की श्रेणी से अलग करता है. मानव के कर्म के अनुसार ही उसे अगला जन्म मिलता है.झूठ बोलने हिंसा करने और मांस खाने व शराब पीने से समाज दूषित हो रहा है.


संदेशवाहक करुणाकांत मिश्र सत्राह अक्टूबर को जीआईसी के खेल मैदान मेँ भक्तोँ को संबोधित कर रहे थे.जीआईसी ग्राउंड मेँ जयगुरुदेव के भक्त सुबह से ही उमड़ने शुरु हो गे थे.धीरे धीरे कर मैदान के अंदर व बाहर जयगुरुदेव के अनुयायियों का तांता लग गया था.संदेशवाहक करुणाकांत मिश्र ने लोगों से ईमानदारी से कमाने पर जोर दिया.साथ ही कहा कि नेक नियत से काम करने मेँ ही बरकत है.बाबा जयगुरुदेव की अपील है कि सब शाकाहारी होँ.शाकाहारी होने का मतलब सिर्फ मांस मछली शराब आदि छोंड़ने मात्र से नहीं है साथ साथ उदारता,नम्रता,सेवा भाव भी आवश्यक है.निरन्तर मन मेँ भजन चलते रहना आवश्यक है.मन मेँ संसार रखना भक्तों का काम नहीं है.न दुख मेँ रहना भजन करँ

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